Twisha Sharma Death: लिगेचर बेल्ट जब्ती में चूक... ट्विशा मौत मामले में लापरवाही की पुष्टि, लेकिन पुलिस अधिकारी पर सिर्फ ₹5000 का जुर्माना

Bhopal Twisha Sharma Case: इस केस में पहले भी एक डिप्टी जेलर को हटाया जा चुका है, जिन पर जेल में बंद रिटायर्ड जज गिरीबाला और उनके बेटे समर्थ को विशेष सुविधाएं देने का आरोप था।

 
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ट्विशा मामले में लापरवाही की पुष्टि | Image: Republic

Twisha Sharma Death Case: भोपाल के ट्विशा शर्मा मौत मामले में पुलिस विभाग ने कार्रवाई की। मामले की जांच में ड्यूटी में लापरवाही बरतने के आरोप में जोन-2 के डीसीपी विकास सहवाल ने सब इंस्पेक्टर (SI) दिनेश शर्मा पर एक्शन लिया। हालांकि उन पर फिलहाल महज 5 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है।

क्यों हुई कार्रवाई?

जानकारी के अनुसार, कथित रूप से आत्महत्या में इस्तेमाल किए गए फंदे (लिगेचर बेल्ट/कॉर्ड) को लेकर लापरवाही की वजह से कार्रवाई हुई है। जांच में पाया गया कि पुलिस ने जब्त किए हुए अहम सबूत के सुरक्षित रखने में निर्धारित प्रक्रियाओं का पालन नहीं किया।

June 12, 2026

आरोप है कि जिस बेल्ट या रस्सी से कथित तौर पर आत्महत्या की गई, उसे 13 मई की सुबह जब्त तो किया गया, लेकिन जब्ती के कागजों में उसका कोई जिक्र नहीं किया गया। इससे भी बड़ी बात यह कि वह बेल्ट काफी समय तक SI की निजी कार में ही पड़ी रही। इससे सबूत के साथ छेड़छाड़ की आशंका उठी और जांच की निष्पक्षता पर सवाल खड़े हुए। इसके बाद पुलिस आयुक्त संजय कुमार ने मामले को गंभीरता से लेते हुए यह कार्रवाई की है। मामले में आगे विभागीय जांच भी हो सकती है।

मामले में जांच के दौरान सामने आया था कि पोस्टमार्टम के समय फांसी वाली बेल्ट भोपाल एम्स हॉस्पिटल भी नहीं भेजी गई थी। बाद में इस बेल्ट को भेजा गया था। पोस्टमार्टम के दौरान बेल्ट नहीं होने की वजह से डॉक्टर फांसी के साधन और गर्दन पर बने निशान का मिलान नहीं कर पाए। ऐसे में लिगेचर मार्क का वैज्ञानिक मिलान और उसका माप भी नहीं हो सका था।

डिप्टी जेलर को हटाया गया

इस केस में पहले भी एक डिप्टी जेलर को हटाया जा चुका है, जिन पर जेल में बंद रिटायर्ड जज गिरीबाला और उनके बेटे समर्थ को विशेष सुविधाएं देने का आरोप था।

CBI को मिली दूसरी पोस्टमार्टम रिपोर्ट

12 मई को ट्विशा शर्मा का शव ससुराल में फंदे से लटका हुआ मिला था। तब से यह मामला सुर्खियों में बना हुआ है। परिवार इसे आत्महत्या मानने से इनकार कर दिया था। परिवार पहली पोस्टमार्टम रिपोर्ट से संतुष्ट नहीं था, इसलिए हाई कोर्ट से दोबारा पोस्टमार्टम की अनुमति मांगी गई। मामला CBI को भी सौंपा गया। पति समर्थ सिंह और गिरीबाला फिलहाल जेल में हैं। कोर्ट ने गिरिबाला और समर्थ को 2 जून को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा था। इस बीच, मामले में CBI को दूसरी पोस्टमार्टम रिपोर्ट भी मिल चुकी है और जांच उसी आधार पर आगे बढ़ रही है।

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Published By : Ruchi Mehra

पब्लिश्ड 12 June 2026 at 16:01 IST