UP: सास की चिता सजाई, हाथ धुलने सरयू किनारे गया नोएडा से आया दामाद; झपट्टा मारकर जिंदा खा गया मगरमच्छ, गोंडा में कंपा देने वाली घटना
यूपी के गोंडा जिले में सरयू नदी के तट पर एक बेहद दर्दनाक और रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना हुई है। यहां अपनी सास के अंतिम संस्कार में शामिल होने आए एक युवक को नदी में हाथ धोते समय मगरमच्छ ने अपना निवाला बना लिया।
यूपी के गोंडा जिले में सरयू नदी के तट पर एक बेहद दर्दनाक और रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना हुई है। यहां अपनी सास के अंतिम संस्कार में शामिल होने आए एक युवक को नदी में हाथ धोते समय मगरमच्छ ने अपना निवाला बना लिया। मगरमच्छ ने युवक का सिर सीधे अपने विशाल जबड़े में दबोचा और पलक झपकते ही उसे गहरे पानी के अंदर खींच ले गया।
घाट पर मौजूद दर्जनों लोग यह खौफनाक मंजर देखकर चीखते-चिल्लाते रह गए। मगरमच्छ के खौफ के कारण कोई भी युवक को बचाने की हिम्मत नहीं जुटा सका। सूचना मिलने के बाद मौके पर स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी पहुंचे।
विस्तार से जानिए पूरा मामला
गोंडा के डीहा गांव में बाबू लाल (70) रहते हैं और खेती-किसानी करते हैं। बेटे लालचंद्र की मौत हो चुकी है। परिवार में बहू उर्मिला (50) थीं। उनका भी मंगलवार को कैंसर से निधन हो गया। उर्मिला की बेटी की शादी पांच साल पहले ग्रेटर नोएडा निवासी दीपक (30) के साथ हुई थी। दीपक परी चौक सिग्मा 2 में रहते थे। उनकी एक बेटी निक्की है, जिसकी उम्र चार साल है। वह अपनी पत्नी के साथ सास के अंतिम संस्कार में शामिल होने आए थे।
सास उर्मिला का बुधवार को सनौली मोहम्मदपुर उदयभान पाही के पास सरयू नदी के किनारे अंतिम संस्कार होना था। दोपहर 12 बजे दामाद दीपक चिता सजाने के लिए खूंटा गांड़ने लगा। खूंटा गांड़ने के बाद वह हाथ धुलने के लिए नदी किनारे पहुंचा। हाथ धुल ही रहा था, तभी मगरमच्छ आ गया। उसने दीपक का सिर अपने जबड़े में पकड़ा और नदी में तेजी से भाग गया। वहां मौजूद लोगों ने शोर मचाया, लेकिन तब तक मगरमच्छ दीपक को लेकर चला गया था।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताई आंखों देखी खौफनाक वारदात
घटना के एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया, “जैसे ही मगरमच्छ ने दीपक को खींचा, मैंने दौड़कर उसे पकड़ने का प्रयास किया। लेकिन मगरमच्छ का बहाव और ताकत इतनी ज्यादा थी कि उसने दीपक को छोड़ नहीं और इस कोशिश में मैं भी पानी में गिरते-गिरते बचा।”
वहीं दूसरे प्रत्यक्षदर्शी अमन ने बताया कि दीपक को बार-बार मना किया जा रहा था कि उस तरफ खतरा है। लेकिन हाथ धोने के चक्कर में वह नीचे झुके और मगरमच्छ उन्हें ले गया। दीपक के दादा ससुर बाबूलाल ने रुआंसे होते हुए कहा, “मेरी बहू की मौत के बाद मेरे आगे-पीछे कोई नहीं बचा था। रिश्तेदार ही क्रिया कर्म संभाल रहे थे। इतने में मगरमच्छ दामाद को ले गया। अपनी जान देने के लिए पानी में कौन कूदता, इसलिए कोई उसे बचा नहीं पाया।”
4 लाख की आर्थिक सहायता की घोषणा, रेस्क्यू जारी
हादसे के बाद उमरी बेगमगंज थाने की पुलिस और एसडीएम तरबगंज तत्काल मौके पर पहुंचे। गोंडा के जिला आपदा विशेषज्ञ राजेश श्रीवास्तव ने बताया कि स्थानीय गोताखोरों की मदद से तलाशी ली गई, लेकिन सफलता नहीं मिलने पर अभियान को अस्थाई रूप से रोका गया है। अब लखनऊ से आ रही एसडीआरएफ की टीम मोर्चा संभालेगी। उन्होंने घोषणा की कि दीपक का शव बरामद होने और पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को शासन की तरफ से 4 लाख रुपए की आर्थिक सहायता दी जाएगी। यदि शव नहीं मिलता है, तो विशेष अनुमति के लिए शासन को पत्र भेजा जाएगा।
Published By : Ankur Shrivastava
पब्लिश्ड 21 May 2026 at 10:43 IST