दिल्‍ली होटल अग्निकांड: रियाजुद्दीन ने पेश की इंसानियत की मिसाल, 2 लाख के गद्दे कुर्बान कर बचाई 8 लोगों की जान, हर तरफ हो रहा इस फरिश्‍ते का जिक्र

मालवीय नगर अग्निकांड के वक्त जब चारों ओर धुआं और आग की लपटें फैल गईं, लोग मदद के लिए चिल्लाने लगे तो सामने दुकान चलाने वाले गद्दा कारोबारी रियाजुद्दीन ने पल भर में फैसला लेते हुए करीब 2 लाख रुपये के अपने गद्दे बिछा दिए, जिससे कई लोगों की जान बच सकी। पढे़ं पूरी खबर।

  • Facebook Share Icon
  • Twitter Share Icon
  • WhatsApp Share Icon
 
Follow : Google News Icon
Delhi hotel Fire Riyazuddin Mattress Save Lives
मालवीय नगर अग्निकांड के वक्त फरिश्ता बना रियाजुद्दीन, चंद मिनटों में लाखों के गद्दे-रजाई बिछा के बना डाला सुरक्षा कवच, 8 ने कूदकर बचाई जान | Image: ANI/ Grab

Delhi Fire Riyazuddin Mattress Save Lives: दिल्ली के मालवीय नगर अग्निकांड में हुई मौतों ने झकझोर कर रख दिया है, एक ही परिवार के 8 लोग और 11 विदेशी नागरिकों समेत कुल 21 लोगों की जान चली गई। 35 लोग इस हादसे में घायल हुए, जिनमें से 19 लोगों का हालत अभी भी नाजुक बनी हुई है। जब होटल में आग तांडव मचा रही थी, उस वक्त कई लोगों ने होटल की बिल्डिंग से नीचे कूदने का फैसला लिया। क्योंकि आग की तेज गर्म लपटें असहनीय थीं। लेकिन बाद में कूदने वालों का फैसला सही साबित हुए, क्योंकि होटल के नीचे जमीन पर बड़े-बड़े गद्दे बिछे हुए थे। लेकिन उसी वक्त मौके पर गद्दे आए कहां से, आखिर ये किसका फैसला था।

इस बारे में पता किया गया तो मालूम चला कि ये फैसला चंद मिनटों में रियाजुद्दीन नाम के व्यक्ति ने लिया था। जी हां होटल के सामने गद्दा कारोबारी रियाजुद्दीन ने जब चीख-पुकार सुनी तो वो लोगों की मदद के लिए तुरंत दौड़े और फरिश्ता बनकर उन्होंने करीब 8 लोगों को आग में झुलसकर मरने से बचा लिया।  

लाखों रुपये के गद्दे बिछाकर रियाजुद्दीन ने बचाई जिंदगियां

होटल में आग लगने के बाद जब चारों ओर धुआं और लपटें फैल गईं, लोग तेज-तेज चिल्ला कर मदद मांग रहे थे, चीख-पुकार सुनाई देने लगी, तब सामने दुकान चलाने वाले गद्दे के कारोबारी ने पल भर में फैसला लेते हुए करीब 2 लाख रुपये की कीमत के अपने गद्दे बिछा दिए, जिससे कई लोगों की जान बच सकी।

आग लगने की सूचना मिलते ही गद्दा कारोबारी रियाजुद्दीन मंसूरी अपने कर्मचारियों और बेटे के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने चंद मिनटों में होटल के बाहर जमीन पर दर्जनों रजाइयां और गद्दे बिछाकर एक बैस और सुरक्षा कवच तैयार कर दिया। इससे इमारत में फंसे लोग नीचे कूद पाए और सुरक्षित बाहर निकलने में मदद मिली। रियाजुद्दीन ने बताया कि उन्होंने सबसे पहले गद्दे और रजाइयां बिछाईं।

Advertisement

दमकल पहुंचने से पहले 8 लोग नीचे कूदे

मीडिया रिपोर्ट्स में रियाजुद्दीन ने दावा किया कि, दमकल कर्मियों के पहुंचने से पहले ही 8 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया था। बचाव कार्य के दौरान उन्हें और उनके बेटे को भी चोटें आईं। उन्होंने आगे कहा कि, एक पड़ोसी से सुबह करीब साढ़े आठ बजे आग लगने की सूचना मिली। मैं तुरंत मौके पर पहुंचा। बेसमेंट में आग लगी हुई थी। ऊपरी मंजिलों पर फंसे लोग चिल्ला रहे थे और पूछ रहे थे कि क्या वे कूद जाएं? मैंने तुरंत दुकान से 20-25 रजाइयां और गद्दे निकालकर बाहर बिछा दिए।'

रियाजुद्दीन ना होते तो बढ़ता मौत का आंकड़ा

रियाजुद्दीन ने अपने स्टाफ और बेटे के साथ मिलकर गद्दों और रजाइयों को एक-दूसरे के ऊपर रखकर कुशन बनाया, जिस पर कूदकर करीब 8 लोग सुरक्षित बच गए। कुछ लोगों को सिर्फ मामूली चोटें आईं। रियाजुद्दीन ने कहा, 'मुझे करीब दो लाख रुपये का नुकसान हुआ। हमने मृतकों और घायलों को बाहर निकालने के लिए चादरें भी दीं। रजाइयों के कवर भी दिए। हमारे पास जो भी सामान था, हमने मानवता के नाते सब दे दिया। हिंदू-मुसलमान से ऊपर इंसानियत है। हम सब हिंदुस्तानी हैं। जरूरतमंद लोगों की मदद करना मेरा फर्ज था।' उन्होंने ये भी बताया कि अगर वक्त रहते आग पर काबू नहीं पाया जाता तो उनकी दुकान भी चपेट में आ सकती थी।

Advertisement

रियाजुद्दीन ने जिस तरह इंसानियत की मिसाल पेश की है, हर कोई ये कहानी पढ़कर रियाजुद्दीन का तारीफ कर रहा है। रियाजुद्दीन ने बिना अपने पैसों का नुकसान देने, सिर्फ लोगों की जान बचाने का फैसला लिया, बिना देर किए दुकान के सारे गद्दे बाहर निकालकर लोगों को मदद पहुंचाई, इससे वो उन 8 लोगों की जान बचाने वाले लोगों के लिए फरिश्ता बन गए हैं। अगर रियाजुद्दीन मौके पर मौजूद ना होते तो शायद वो 8 लोग भी नहीं बच पाते।

यह भी पढ़ें: खान सर कोचिंग फायरिंग मामला में सांसद पप्पू यादव की एंट्री, क्या बोले?

Published By:
 Nidhi Mudgill
पब्लिश्ड