बकरीद से पहले बंगाल में बवाल, हुमायूं कबीर ने सुवेंदु सरकार को दी खुली चुनौती; कहा- बकरी, गाय, ऊंट की कुर्बानी कोई नहीं रोक सकता
Humayun Kabir Statement: बंगाल में बकरीद से पहले कुर्बानी को लेकर सियासत तेज हो गई है। हुमायूं कबीर ने BJP और CM सुवेंदु अधिकारी को चैलेंज देते हुए कहा कि आग से मत खेलो। किसी भी हाल में मुस्लिम समुदाय कुर्बानी के मामले में कोई समझौता नहीं करेगा।
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West Bengal news: पश्चिम बंगाल में बकरीद से पहले 'कुर्बानी' को लेकर राजनीति गरमाने लगी है। आम जनता उन्नयन पार्टी (AUJP) के अध्यक्ष हुमायूं कबीर ने सीएम सुवेंदु अधिकारी को खुली चुनौती दी है। उन्होंने कहा कि गाय, बकरी, ऊंट और दुम्बा जैसे सभी जायज पशुओं की कुर्बानी होगी और इसे कोई नहीं रोक सकता।
बंगाल में सुवेंदु सरकार ने हाल ही में 'वेस्ट बंगाल एनिमल स्लॉटर कंट्रोल एक्ट 1950' के तहत एक सार्वजनिक नोटिस जारी किया था। इसमें फिटनेस सर्टिफिकेट के बिना गाय और भैंस की हत्या पर सख्त प्रतिबंध को दोहराया गया। बकरीद से पहले यह नोटिस जारी करने पर बवाल मच गया।
जब तक दुनिया रहेगी, कुर्बानी होगी- हुमायूं
इस पर हुमायूं कबीर ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि कुर्बानी 1400 साल पहले से चली आ रही है। राज्य में कुर्बानी नहीं रुकेगी। उन्होंने कहा कि जब तक दुनिया रहेगी, कुर्बानी होगी। गाय की भी कुर्बानी होगी, बकरी की भी कुर्बानी होगी और ऊंट की भी होगी।कुर्बानी के लिए जो पशु जायज हैं, उनकी कुर्बानी होंगी।
‘आग से मत खेलो, मुश्किलें खड़ी होंगी’
AUJP अध्यक्ष ने BJP और CM सुवेंदु अधिकारी को सीधी चेतावनी देते हुए कहा कि आग से मत खेलो। अगर वे कुर्बानी पर रोक लगाने की कोशिश करते हैं तो उनके लिए ही इससे मुश्किलें खड़ी होंगी। किसी भी हाल में मुस्लिम समुदाय कुर्बानी के मामले में कोई समझौता नहीं करेगा।
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हुमायूं कबीर ने आगे कहा कि 37 प्रतिशत से ज्यादा मुसलमान गाय का गोश्त खाते हैं। सबसे पहले स्लॉटर हाउस को बंद किया जाना चाहिए, उन्हें तो लाइसेंस दिया गया है। भारत सरकार बीफ बाहर भेजकर पैसे कमा रही है। सरकार क्या इसे बंद करेगी?
नमाज के लिए बड़े मैदान की भी मांग
इसके अलावा हुमायूं ने ईद की नमाज पढ़ने के लिए सरकार से बड़ा मैदान देने की भी मांग की। उन्होंने कहा कि अगर मैदान की व्यवस्था नहीं होगी, तो सड़क पर नमाज पढ़ने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।
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हुमायूं कबीर इससे पहले भी विवादों में रहे। दिसंबर 2025 में उन्होंने मुर्शिदाबाद में बाबरी मस्जिद के नाम पर नई मस्जिद बनाने का ऐलान किया था, जिस पर काफी हंगामा हुआ। इसके बाद तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने उन्हें पार्टी से सस्पेंड कर दिया था।
हुमायूं कबीर ने अपनी नई पार्टी आम जनता उन्नयन पार्टी बनाई और पहली बार विधानसभा चुनाव भी लड़े। खुद हुमायूं दो सीट रेजीनगर और नवदा सीट से मैदान में उतरे और दोनों ही जगह से जीत हासिल की थी।