दो बेटियों ने भागकर की थी शादी, तीसरी भी करती थी हिंदू लड़के से बात... पिता अंसारी ने काट डाला; ट्रेन में मिली सिर कटी लाश को लेकर बड़ा खुलासा
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के गोमतीनगर रेलवे स्टेशन पर उस वक्त सनसनी फैल गई, जब छपरा-गोमतीनगर एक्सप्रेस की एक बोगी में रखे बक्से से किशोरी के शव के टुकड़े बरामद हुए।
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उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के गोमतीनगर रेलवे स्टेशन पर उस वक्त सनसनी फैल गई, जब छपरा-गोमतीनगर एक्सप्रेस की एक बोगी में रखे बक्से से किशोरी के शव के टुकड़े बरामद हुए। बीते रविवार सुबह ट्रेन संख्या 15114 स्टेशन पहुंची तो सफाई के दौरान संदिग्ध बक्सा मिला। जब उसे खोला गया तो अंदर प्लास्टिक और पुराने कपड़ों में लिपटे शव के पांच टुकड़े मिले। शव का सिर गायब था। मामला सामने आते ही जीआरपी और आरपीएफ की कई टीमें जांच में जुट गईं।
पुलिस ने स्टेशन और ट्रेन में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू की। फुटेज में एक संदिग्ध व्यक्ति अपने साथियों के साथ भारी बक्सा लेकर ट्रेन के स्लीपर कोच एस-1 में चढ़ता दिखाई दिया। जांच आगे बढ़ी तो आरोपी की पहचान कुशीनगर जिले के सेवरही निवासी बिग्गन अंसारी के रूप में हुई। पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर सख्ती से पूछताछ की, जिसके बाद उसने अपना अपराध कबूल कर लिया। आरोपी ने बताया कि बक्से में उसकी 16 वर्षीय बेटी शब्बा का शव था। पुलिस की मानें तो यही फुटेज पूरे मामले के खुलासे की सबसे बड़ी कड़ी साबित हुई।
प्रेम संबंध बना हत्या की वजह
जांच में सामने आया कि शब्बा एक हिंदू युवक से फोन पर बातचीत करती थी। पिता बिग्गन अंसारी को यह रिश्ता मंजूर नहीं था। उसने कई बार बेटी को समझाया और युवक से दूर रहने की चेतावनी दी, लेकिन शब्बा ने संपर्क खत्म नहीं किया। इसी बात से नाराज होकर पिता बेटी से नफरत करने लगा। सूत्रों के अनुसार, आरोपी की दो बेटियां पहले ही प्रेम विवाह कर चुकी थीं, जिससे वह सामाजिक बदनामी महसूस कर रहा था। उसे डर था कि शब्बा भी उसी रास्ते पर चली जाएगी। इसी मानसिकता ने उसे इतना क्रूर बना दिया कि उसने अपनी ही बेटी की हत्या की साजिश रच डाली।
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परिवार के साथ मिलकर रची गई साजिश
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी ने वारदात को बेहद योजनाबद्ध तरीके से अंजाम दिया। पांच दिन पहले उसने अपनी पत्नी और दोनों बेटों को रिश्तेदारों के घर भेज दिया था। घर में केवल शब्बा और उसकी बुजुर्ग दादी बची थीं। 16 मई को बिग्गन ने अपनी बहन नूरजहां और बहनोई मजबुल्लाह को घर बुलाया। देर शाम तीनों ने मिलकर शब्बा की हत्या कर दी।
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इसके बाद धारदार हथियार से शव के छह टुकड़े किए गए। पहचान छिपाने के लिए सिर धड़ से अलग कर गांव के तालाब में फेंक दिया गया। बाकी हिस्सों को प्लास्टिक और कपड़ों में लपेटकर बक्से में बंद किया गया और ई-रिक्शा से तमकुही रोड स्टेशन पहुंचाया गया।
तालाब से मिला सिर, जल्द करेगी खुलासा
आरोपी और उसके साथी बक्से को छपरा-गोमतीनगर एक्सप्रेस के स्लीपर कोच में रखकर एसी कोच की तरफ से बाहर निकल गए। हालांकि कैमरों में उनकी हर गतिविधि कैद हो गई। पूछताछ के बाद आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने गांव के तालाब में गोताखोर उतारे, जहां से किशोरी का कटा हुआ सिर और हत्या में इस्तेमाल हथियार बरामद कर लिया गया। इस सनसनीखेज वारदात ने पूरे इलाके को दहला दिया है। जीआरपी अब आरोपी से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच कर रही है और मामले का जल्द आधिकारिक खुलासा करेगी।
(कुशीनगर से पीके विश्वकर्मा का रिपोर्ट)